- (01) Weekly News 6 – 9 october 2025
- (02) Weekly News 12 – 25 oct
- (03) Weekly News 27 – 1 nov
- (04) Weekly News 1 – 8 nov
- (05) Weekly News 10 – 15 nov
- (06) Weekly News 17 – 22 nov
- (07) Weekly News 24 – 29 Dec
- (08) Weekly News 30 Nov – 6 Dec
- (09) Weekly News 7 – 13 Dec
- (10) Weekly News 14 – 20 Dec
- (11) Weekly News 21 – 27 Dec
- (12) Weekly News 28 Dec – 3 Jan
- (13) Weekly News 4 – 10 Jan 2026
- (14) Weekly News 11 – 17 Jan
- (15) Weekly News 18 – 24 Jan
- (16) Weekly News 25 – 31 Jan
- (17) Weekly News 1 – 7 Feb
- (18) Weekly News 8-14 February 2026
- (19) Weekly News 15 – 21 Feb
- (20) Weekly News 22 Feb – 28 Feb
- (21) Weekly News 1 March – 7 March (Conflict between Iran, Israel, and the United States)
- (22) News Update 8 March – 14 March (Nepal Election 2026)
(6-10-25) स्रोत: पी.आई.बी
भारत का पहला सहकारी कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्र
महाराष्ट्र के कोपरगाँव में भारत के पहले सहकारी मल्टी-फीड कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) संयंत्र का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा किया गया। यह संयंत्र प्रतिदिन 12 टन CBG तथा गुड़/शीरे से 75 टन पोटाश का उत्पादन करेगा, जिससे उर्वरक आयात में कमी आएगी। CBG एक नवीकरणीय ईंधन है, जो कृषि अवशेष, गोबर, गन्ना अपशिष्ट और सीवेज जैसे जैविक कचरे के अवायवीय अपघटन से बनता है। इसका ऊष्मीय मूल्य CNG के समान होता है, इसलिए इसे ऑटोमोबाइल, औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों में उपयोग किया जा सकता है। CBG पर्यावरण-अनुकूल ईंधन है, जो प्रदूषण घटाता है, अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करता है और सर्कुलर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देता है। यह भारत के 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्य तथा ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में सहायक है। SATAT योजना और NCDC के माध्यम से ऐसे संयंत्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
(6-10-25) स्रोत: हिंदुस्तान टाइम्स
भारत में अपराध 2023 रिपोर्ट
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी भारत में अपराध 2023 रिपोर्ट के अनुसार देश में दर्ज कुल अपराधों में 7.2% की वृद्धि हुई है और मामलों की संख्या बढ़कर लगभग 6.24 मिलियन हो गई है। रिपोर्ट बताती है कि औसतन हर पाँच सेकंड में एक अपराध दर्ज किया गया। भारतीय दंड संहिता (IPC) के अंतर्गत अपराधों में 5.7% तथा विशेष एवं स्थानीय कानूनों (SLL) के तहत 9.5% की वृद्धि दर्ज की गई।
साइबर अपराधों में सर्वाधिक 31.2% वृद्धि देखी गई, जबकि आईटी अधिनियम से जुड़े मामलों में 36% की बढ़ोतरी दर्ज हुई, जो डिजिटल धोखाधड़ी और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते खतरे को दर्शाती है। महिलाओं के विरुद्ध अपराध 0.7% बढ़कर 4.48 लाख हो गए, बच्चों के विरुद्ध अपराध 9.2% बढ़े तथा अनुसूचित जनजातियों के विरुद्ध अपराधों में 28.8% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
हालाँकि हत्या, बलात्कार और दहेज हत्या जैसे जघन्य अपराधों में गिरावट आई है। IPC मामलों में दोषसिद्धि दर 54% रही, जो प्रभावी जाँच और त्वरित न्याय प्रणाली की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
(7-10-25) स्रोत: ET
कफ सिरप में विषाक्त रसायन डायथिलीन ग्लाइकॉल
भोपाल स्थित खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा की गई जाँच में कोल्ड्रिफ कफ सिरप में 46.28% डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) पाए जाने के बाद गंभीर स्वास्थ्य जोखिम सामने आए हैं। यह मात्रा अनुमेय सीमा 0.1% से अत्यधिक अधिक है। खुलासे के बाद राज्य स्तर पर इस दवा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत देशव्यापी नियामक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) एक रंगहीन, मीठा स्वाद वाला औद्योगिक रसायन है, जिसका उपयोग सामान्यतः ब्रेक फ्लुइड और एंटीफ्रीज बनाने में किया जाता है। इसकी बनावट सुरक्षित औषधीय विलायकों से मिलती-जुलती होने के कारण इसका दवा निर्माण में अवैध रूप से उपयोग किया जाता है। DEG के सेवन से पेट दर्द, उल्टी, गुर्दे फेल होना, तंत्रिका तंत्र को नुकसान तथा गंभीर मामलों में मृत्यु तक हो सकती है।
औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 भारत में दवाओं और सौंदर्य प्रसाधनों के आयात, निर्माण, बिक्री और वितरण को नियंत्रित करता है, ताकि बाज़ार में उपलब्ध उत्पाद सुरक्षित और मानक अनुरूप हों।
(7-10-25) स्रोत: ET
न्यू स्टार्ट ट्रीटी
रूस ने अमेरिकी राष्ट्रपति की उस टिप्पणी का स्वागत किया है, जिसमें न्यू स्टार्ट ट्रीटी के तहत परमाणु हथियारों की सीमाओं के पालन को एक अतिरिक्त वर्ष तक बढ़ाने के रूस के प्रस्ताव का समर्थन किया गया है।
यह घटनाक्रम रूस द्वारा वर्ष 2023 में संधि में अपनी भागीदारी को निलंबित करने के निर्णय की पृष्ठभूमि में सामने आया है, जो मॉस्को और वाशिंगटन के बीच अंतिम प्रमुख हथियार नियंत्रण ढाँचा बना हुआ है।
रूस ने अमेरिकी राष्ट्रपति की उस टिप्पणी का स्वागत किया है, जिसमें न्यू स्टार्ट संधि के तहत परमाणु हथियारों की सीमाओं के पालन को एक अतिरिक्त वर्ष तक बढ़ाने के रूस के प्रस्ताव का समर्थन किया गया है। यह घटनाक्रम वर्ष 2023 में रूस द्वारा संधि में अपनी भागीदारी निलंबित करने के निर्णय के बाद सामने आया है। न्यू स्टार्ट वर्तमान में मॉस्को और वाशिंगटन के बीच अंतिम प्रमुख परमाणु हथियार नियंत्रण ढाँचा है, इसलिए इसके भविष्य को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बनी हुई है।
न्यू स्टार्ट (Strategic Arms Reduction Treaty) का उद्देश्य अमेरिका और रूस के सामरिक परमाणु हथियारों में सत्यापन योग्य कमी लाना है। संधि के तहत दोनों देशों को 700 तैनात ICBM, SLBM और बमवर्षकों, 1,550 परमाणु वारहेड तथा 800 लॉन्चर और बमवर्षकों की सीमा में रहना होता है।
हालाँकि यह संधि गैर-तैनात एवं गैर-रणनीतिक परमाणु हथियारों को शामिल नहीं करती, जिससे दोनों देशों के बड़े शस्त्रागार नियंत्रण से बाहर रहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, संधि का कमजोर होना वैश्विक परमाणु हथियार होड़ को बढ़ा सकता है।
परमाणु हथियार प्रबंधन से संबंधित प्रमुख वैश्विक पहल
- परमाणु अप्रसार संधि (NPT), 1968: इसका उद्देश्य परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकना, निरस्त्रीकरण को बढ़ावा देना और परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देना है। यह पाँच परमाणु-हथियार संपन्न देशों (NWS) को मान्यता देती है: अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्राँस और चीन।
- व्यापक परमाणु-परीक्षण-प्रतिबंध संधि (CTBT), 1996: परीक्षण उद्देश्यों के लिये सभी परमाणु विस्फोटों पर प्रतिबंध लगाती है। (अभी तक लागू नहीं हुई है)।
- परमाणु हथियारों के निषेध पर संधि (TPNW), 2017: अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत परमाणु हथियारों के उपयोग, स्वामित्व, परीक्षण और हस्तांतरण पर प्रतिबंध लगाती है।
(8-10-25)
भारत में निष्क्रिय इच्छामृत्यु
जून 2025 में यूके के हाउस ऑफ कॉमन्स द्वारा असाध्य रोग से पीड़ित वयस्कों को सहायता प्राप्त मृत्यु का विकल्प देने वाला “एंड ऑफ लाइफ” विधेयक पारित किए जाने के बाद विश्वभर में सम्मान के साथ मृत्यु के अधिकार पर बहस तेज हो गई है। इस घटनाक्रम ने भारत में भी इच्छामृत्यु से जुड़े कानूनी, नैतिक और व्यावहारिक पहलुओं पर पुनर्विचार की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
भारत में सक्रिय इच्छामृत्यु अवैध है, जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने अरुणा शानबॉग (2011) और कॉमन कॉज़ (2018) मामलों में निष्क्रिय इच्छामृत्यु तथा “गरिमापूर्ण मृत्यु के अधिकार” को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मान्यता दी है। लिविंग विल और अग्रिम निर्देशों को भी वैध ठहराया गया है, परंतु जटिल प्रक्रियाओं, कम जागरूकता और स्वास्थ्य अवसंरचना की असमानता के कारण इसका प्रभावी क्रियान्वयन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटलीकरण, अस्पताल-स्तरीय नैतिकता समितियों, जागरूकता अभियान और सरल प्रक्रियाओं के माध्यम से निष्क्रिय इच्छामृत्यु के ढाँचे को अधिक मानवीय और सुलभ बनाया जा सकता है, ताकि गरिमा के साथ जीवन समाप्त करने का संवैधानिक अधिकार व्यावहारिक रूप से सुनिश्चित हो सके।
(9-10-25)
पासनी पोर्ट (स्रोत: इकोनॉमिक टाइम्स)
पाकिस्तान द्वारा बलूचिस्तान के ग्वादर के निकट पासनी में बंदरगाह विकसित करने के लिये अमेरिका को कथित प्रस्ताव देने से क्षेत्रीय भू-राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है। यह कदम वाशिंगटन को ईरान की सीमा के समीप समुद्री पहुँच प्रदान कर सकता है और चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
पासनी बंदरगाह अरब सागर तट पर स्थित एक छोटा डीप-वॉटर पोर्ट है, जहाँ मछली बंदरगाह और पाकिस्तान समुद्री सुरक्षा एजेंसी का बेस मौजूद है। इसका स्थान चीन समर्थित ग्वादर बंदरगाह के निकट तथा भारत-ईरान के चाबहार बंदरगाह के पास होने के कारण अत्यंत सामरिक महत्त्व रखता है। विशेषज्ञों के अनुसार पासनी–ग्वादर–चाबहार त्रिकोण भविष्य में समुद्री व्यापार, ऊर्जा मार्गों और महाशक्तियों की प्रतिस्पर्धा का नया केंद्र बन सकता है।
यह प्रस्ताव पाकिस्तान की चीन की बेल्ट एंड रोड पहल पर निर्भरता कम करने, अमेरिकी निवेश आकर्षित करने और खनिज संसाधनों के निर्यात को बढ़ावा देने का प्रयास भी माना जा रहा है। वहीं, इससे भारत की चाबहार परियोजना और क्षेत्रीय रणनीतिक संतुलन पर प्रभाव पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
(10-10-25)
विकसित भारत बिल्डथॉन 2025 (स्रोत:पी.आई.बी.)
शिक्षा मंत्रालय द्वारा अटल नवाचार मिशन (नीति आयोग) के सहयोग से विकासशील भारत बिल्डथॉन 2025 का आयोजन किया जा रहा है। यह राष्ट्रव्यापी नवाचार पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नवाचार और समस्या-समाधान की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नए विचार विकसित करने, प्रोटोटाइप तैयार करने और उन्हें आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने के लिये प्रेरित करना है। कार्यक्रम चार प्रमुख राष्ट्रीय विषयों—आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल और समृद्ध भारत—पर केंद्रित है।
बिल्डथॉन का विशेष फोकस आकांक्षी जिलों, जनजातीय और दूरदराज़ क्षेत्रों के विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करना है, ताकि नवाचार का लाभ व्यापक स्तर तक पहुँच सके। इस पहल के अंतर्गत राष्ट्रीय, राज्य और ज़िला स्तर पर विजेताओं के लिये कुल 1 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है, जो युवाओं को नवाचार के लिये प्रेरित करेगी।
(11-10-25)
प्रोजेक्ट वॉटरवर्थ (स्रोत: इकोनॉमिक टाइम्स )
मेटा प्लेटफॉर्म्स ने अपनी मल्टी-बिलियन डॉलर की अंडरसी केबल परियोजना प्रोजेक्ट वॉटरवर्थ के भारत चरण के लिये मुंबई और विशाखापत्तनम को लैंडिंग साइट के रूप में चुना है। यह पहल वैश्विक डेटा कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है और भारत की डिजिटल अवसंरचना को नई गति देगी।
प्रोजेक्ट वॉटरवर्थ 50,000 किलोमीटर से अधिक लंबी सब-सी केबल होगी, जो अमेरिका, भारत, ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका को जोड़ेगी, जिससे यह विश्व की सबसे लंबी समुद्री डेटा केबलों में शामिल होगी। इसका W-आकार का मार्ग लाल सागर कॉरिडोर को बायपास करेगा, जिससे भू-राजनीतिक संघर्षों और केबल क्षति के जोखिम कम होंगे।
1 पेटाबिट प्रति सेकंड की डिज़ाइन क्षमता के साथ इस परियोजना के वर्ष 2030 तक क्रियाशील होने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत में इन लैंडिंग साइटों का चयन देश की वैश्विक AI अवसंरचना में भूमिका को मजबूत करेगा, डेटा स्थानीयकरण को बढ़ावा देगा और डिजिटल अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाएगा।
(11-10-25) (स्रोत: PIB )
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025: 6G और डिजिटल नवाचार पर भारत की वैश्विक नेतृत्व की दिशा
एशिया के सबसे बड़े दूरसंचार, मीडिया और प्रौद्योगिकी आयोजन इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2025 के 9वें संस्करण का उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा नई दिल्ली में किया गया। यह वार्षिक आयोजन मोबाइल और डिजिटल प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नवीनतम नवाचारों को प्रदर्शित करने तथा उद्योग जगत, नीति निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों को एक साझा मंच प्रदान करने के लिये जाना जाता है।
दूरसंचार विभाग (DoT) और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस वर्ष की थीम “इनोवेट टू ट्रांसफॉर्म” रखी गई है, जो डिजिटल परिवर्तन और सामाजिक प्रगति में नवाचार की भूमिका पर बल देती है।
कार्यक्रम के दौरान भारत 6G एलायंस ने NASSCOM और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के साथ संयुक्त प्रौद्योगिकी विकास हेतु समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किये तथा 6G आर्किटेक्चर, AI-आधारित नेटवर्क, स्पेक्ट्रम और सुरक्षा पर चार श्वेतपत्र जारी किये। अनुमान है कि भारत की 6G पहल वर्ष 2035 तक GDP में 1.2 ट्रिलियन डॉलर का योगदान दे सकती है और देश वैश्विक 6G पेटेंट्स में 10% हिस्सेदारी का लक्ष्य रखता है।