(02) Weekly News 12 – 25 oct

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 (12-10-25) The Hindu

अंडमान-निकोबार विकास पर पारिस्थितिक चिंताएँ बढ़ीं 
भारत सरकार की ग्रेट निकोबार विकास योजना — जिसमें बंदरगाह, हवाई अड्डा और बिजली संयंत्र शामिल हैं — से 13,000 हेक्टेयर प्राचीन वन क्षेत्र को खतरा है। विशेषज्ञों ने इसे ‘नियमगिरि’ मामले जैसी पारिस्थितिक चुनौती बताया है। ‘पृथ्वी न्यायशास्त्र’ जैसी अवधारणाएँ प्राकृतिक संस्थाओं को कानूनी अधिकार देने की दिशा में नए विमर्श को जन्म दे रही हैं।

 (13-10-25) Business Standard

भारत के लिए अमेरिका-चीन तनाव में रणनीतिक अवसर
अमेरिका और चीन के बीच आर्थिक व भू-राजनीतिक टकराव ने भारत के लिए नए अवसर खोले हैं। चीन की अतिक्षमता, ऋण संकट और तकनीकी नियंत्रण नीतियों से वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है। भारत को “चीन +1” के रूप में उभरने, एफटीए विस्तार और निवेश सुधारों के जरिये अपनी स्थिति मजबूत करने की सलाह दी गई है।

(13-10-25) Business Standard

भारत-ब्रिटेन CETA समझौते से व्यापारिक रिश्तों को बल
भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) पर हस्ताक्षर से द्विपक्षीय संबंधों में नया आयाम जुड़ा है। भारतीय निवेशकों ने ब्रिटेन में £1.3 अरब का निवेश घोषित किया। यह समझौता MSME, फिनटेक और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देगा, हालांकि कार्य वीज़ा जैसे मुद्दों पर ब्रिटिश राजनीति अब भी बाधा बनी हुई है।

 (13-10-25) Business Standard

न्यायिक देरी घटाने को एआई आधारित अदालत.AI’ टूल लागू होगा
केरल उच्च न्यायालय ने 1 नवंबर से जिला अदालतों में गवाह बयानों के लिए स्पीच-टू-टेक्स्ट एआई टूल अदालत.AI’ के प्रयोग को अनिवार्य किया। इससे न्यायिक दक्षता और ट्रांसक्रिप्शन सटीकता बढ़ने की उम्मीद है। विशेषज्ञों ने गोपनीयता, साइबर सुरक्षा और मानवीय निरीक्षण की आवश्यकता पर बल दिया है।

 (14-10-25) The Hindu

मेडागास्कर में सेना की बगावत से राजनीतिक संकट गहराया
मेडागास्कर में भ्रष्टाचार और बिजली-पानी संकट से उपजे जनविरोध के बीच सेना ने राष्ट्रपति एंड्री राझोइलिना का साथ छोड़ दिया। राजधानी में अशांति के बाद अंतरिम प्रशासन की घोषणा की गई। अफ्रीकी संघ और फ्रांस ने संवैधानिक व्यवस्था बहाल करने की अपील की है, जबकि देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है।

(16-10-25)  indianexpress

पैक्स अमेरिकाना’ व्यवस्था का पतन और चीन का उदय
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद स्थापित अमेरिकी नेतृत्व वाली वैश्विक व्यवस्था अब कमजोर हो रही है। “अमेरिका फर्स्ट” नीति और बहुपक्षीय संस्थाओं से दूरी ने इसकी साख घटाई है। चीन ने BRI जैसी पहलों से प्रभाव बढ़ाया है, पर उसकी आक्रामक नीतियाँ सीमाएँ भी दिखा रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव भारत जैसे देशों के लिए अवसर है।

 (17-10-25) Newssonai.gov.in

भारत–किर्गिज़ सहयोग बढ़ाने पर सहमति
भारत और किर्गिज़ गणराज्य ने आतंकवाद-रोधी उपायों और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को मज़बूत करने का निर्णय लिया है, जिससे मध्य एशिया में भारत की सामरिक उपस्थिति को बल मिलेगा।

 (17-10-25) Hindustan times

CACP ने उर्वरक सब्सिडी में असंतुलन पर चेताया
कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) ने रबी नीति रिपोर्ट में यूरिया की अत्यधिक सब्सिडी से मिट्टी की गुणवत्ता घटने पर चिंता जताई है। आयोग ने पोषक तत्वों के संतुलन हेतु यूरिया की कीमतें बढ़ाने और ‘एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन’ को बढ़ावा देने की सिफारिश की है।

 (17-10-25)   indianexpress

WMO ने ग्रीनहाउस गैसों में रिकॉर्ड वृद्धि की चेतावनी दी
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में वैश्विक CO₂ स्तर 423.95 ppm तक पहुँच गया, जो अब तक की सबसे बड़ी वार्षिक वृद्धि है। वैश्विक तापमान औद्योगिक युग से 1.55°C अधिक दर्ज हुआ, जिससे जलवायु संकट और गंभीर हुआ है।

 (17-10-25) The Hindu

भारत-कनाडा संबंधों में फिर से सुधार के संकेत
लगभग दो वर्षों के तनाव के बाद भारत और कनाडा ने संबंधों को पुनर्जीवित करने के लिए नया रोडमैप तैयार किया। दोनों देशों ने ऊर्जा व्यापार, विज्ञान-प्रौद्योगिकी सहयोग और स्वच्छ ईंधन तकनीकों पर साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई है।

 (17-10-25)  ddnews.gov.in

भारत-इंडोनेशिया ‘समुद्र शक्ति’ नौसैनिक अभ्यास शुरू
विशाखापट्टनम में पाँचवां ‘समुद्र शक्ति’ समुद्री अभ्यास आरंभ हुआ। यह भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय नौसैनिक सहयोग का हिस्सा है, जो बंदरगाह और समुद्री दोनों चरणों में आयोजित किया जा रहा है।

 (18-10-25) 

  1. गूगल डीपमाइंड-येल मॉडल ने कोशिकीय भाषा को डिकोड किया, नई औषधि लक्ष्यों की पहचान की, तथा प्रयोगात्मक रूप से परिकल्पनाओं की पुष्टि की, जिससे डेटा-संचालित कैंसर चिकित्सा और वैयक्तिक चिकित्सा में महत्वपूर्ण सफलता मिली।

(the Hindu, times of india, analyticsindiamag.com)

  1. अबू धाबी में आयोजित IUCN की ‘विश्व संरक्षण कांग्रेस 2025’ में 20-वर्षीय रणनीतिक विजन व चार साल के नए कार्यक्रम को मंजूरी मिली। “अबू धाबी कॉल टू एक्शन” के तहत मानव कल्याण, न्याय, नवाचार, बहुपक्षवाद और संसाधन वृद्धि को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया। 100 से अधिक नए सदस्य, जिनमें 6 देश शामिल हैं, IUCN में जोड़े गए। इसके साथ ही, सिंथेटिक बायोलॉजी, जीवाश्म ईंधन, वन्यजीव व्यापार और पर्यावरण अपराधों पर अहम नीतियाँ पारित की गईं। (newssonair.gov.in)
  2. ब्राजील के उपराष्ट्रपति की उपस्थिति में भारत-ब्राजील व्यापार संवाद आयोजित किया गया।
  3. भारत और ब्राजील ने मर्कोसुर ट्रेड ब्लॉक के साथ मौजूदा प्रिफेन्शियल ट्रेड अग्रीमेंट (PTA) के दायरे को बढ़ाने पर सहमति जताई है। मर्कोसुर दक्षिण अमेरिकी देशों का ब्लॉक है, जो मुक्त व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देता है, इसके प्रमुख सदस्य अर्जेंटीना, बोलीविया, ब्राजील, पैराग्वे और उरुग्वे हैं। (pib.gov.in )
  4. डिजिटल नोटिफिकेशंस, लाइक्स और कंटेंट फीड्स बार-बार देखने पर दिमाग में डोपामाइन रिलीज होता है, जिससे लत जैसी आदतें और ध्यान भटकने की समस्या बढ़ती है। डोपामाइन एक “फील-गुड” न्यूरोट्रांसमीटर है, जो प्रेरणा, आनंद और इनाम से जुड़ा होता है तथा आनंददायक अनुभवों के दौरान सक्रिय होता है।(The Hindu)

 (19-10-25) 

  1. सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के समक्ष आने वाले मुद्दों पर प्रकाश डाला, जिनमें भेदभाव, पहचान संबंधी बाधाएं, सामाजिक कलंक और अपर्याप्त कल्याण शामिल हैं, तथा राष्ट्रीय समान अवसर नीति बनाने का आग्रह किया।(Indian express)
  2. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की “ग्लोबल एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस सर्विलांस रिपोर्ट 2025” के अनुसार, एंटीबायोटिक्स के प्रति बैक्टीरिया की प्रतिरोधक क्षमता तेजी से बढ़ रही है, खासकर गरीब और मध्य आय वाले देशों में। 2023 में हर छह बैक्टीरियल संक्रमण में से एक एंटीबायोटिक-रेजिस्टंट रहा, जिसमें भारत, चीन और पाकिस्तान सर्वाधिक प्रभावित हैं। भारत में ओवर-द-काउंटर बिक्री, स्वच्छता की कमी, और कृषि में दवाओं का दुरुपयोग इस संकट को बढ़ा रहे हैं। AMR की रोकथाम हेतु WHO और भारत सरकार कई कदम उठा रही हैं। (Indian express)
  3. आरबीआई अपने विदेशी मुद्रा पोर्टफोलियो में विविधता लाने, डॉलर पर निर्भरता कम करने और मुद्रास्फीति व वैश्विक अनिश्चितता से बचाव के लिए स्वर्ण भंडार बढ़ा रहा है। हालाँकि, अधिक स्वर्ण धारण के साथ कम तरलता, कोई प्रतिफल न मिलना और अतिरिक्त भंडारण लागत जैसे जोखिम भी जुड़े हैं। (www.reuters.com)
  4. “वैश्विक बहुआयामी निर्धनता सूचकांक (MPI) 2025” रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में 1 अरब लोग बहुआयामी गरीबी में जीवन यापन कर रहे हैं। भारत ने अपनी गरीबी दर घटाकर 16.4% कर ली है, और 2005-06 की तुलना में 414 मिलियन लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। रिपोर्ट में जलवायु परिवर्तन और बुनियादी सेवाओं की कमी को प्रमुख चुनौतियां बताया गया है। (Dwontoearth.org)

 

 (20-10-25) 

  1. वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्त रफ्तार के बीच उम्मीदें बनीं
    International Monetary Fund (IMF) ने अपनी ‘वर्ल्ड इकॉनॉमिक आउटलुक’ रिपोर्ट में 2025 के लिए वैश्विक विकास दर 2 % और 2026 के लिए 3.1 % आँकी है, लेकिन इसके बावजूद अर्थव्यवस्था में अभी “उदास मोमेंटम” बना हुआ है। साथ ही, प्रमुख अर्थशास्त्रियों ने यह चेतावनी दी है कि इस सप्ताह में आने वाले PMIs, मुद्रास्फीति और खुदरा बिक्री के आंकड़े अगले आर्थिक कदमों के लिए दिशा निर्धारित कर सकते हैं।

(EconomicResearch)

 (21-10-25) गाज़ा संघर्ष में मानवीय संकट गहराया:
गाज़ा में लगातार हवाई हमलों से 13 नागरिकों की मौत और दर्जनों घायल हुए। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने इज़रायल में जाकर नेतन्याहू से हालात पर चर्चा की। संयुक्त राष्ट्र ने खाने, पानी और दवा की कमी के चलते विश्व समुदाय से मदद की अपील की। अरब और यूरोपीय देशों ने तत्काल युद्धविराम की माँग दोहराई।    (The Hindu)

 (22-10-25)

  1. अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने महत्वपूर्ण खनिज स्रोतों में विविधता लाने, चीन के बाजार नियंत्रण का मुकाबला करने, तथा सुरक्षित आपूर्ति के लिए परियोजनाओं, विशेष रूप से रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के लिए, को वित्तपोषित करने के लिए एक रूपरेखा पर हस्ताक्षर किए।(Indianexpress)
  2. यूरोपीय संघ-भारत रणनीतिक एजेंडा पांच स्तंभों पर जोर देता है: समृद्धि, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा, कनेक्टिविटी और समर्थक, जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, नवाचार, सुरक्षा सहयोग, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और संस्थागत समर्थन को बढ़ावा देना है।(Business standard)
  3. हाल ही में रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँच गया है और रियल इफेक्टिव एक्सचेंज रेट (REER) में लगातार गिरावट देखी जा रही है। REER कम होने का मतलब है कि मुद्रा अवमूल्यित (अंडरवैल्यूड) मानी जाती है, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है। वही, उच्च REER होने पर निर्यात महंगा और आयात सस्ता हो जाता है, जिससे प्रतिस्पर्धा घटती है।(economictimes)

 (23-10-25)

  1. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने AI-जनरेटेड कंटेंट को विनियमित करने के लिए IT नियम, 2021 में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया है। इसके तहत AI-जनरेटेड कंटेंट को स्पष्ट रूप से घोषित करना अनिवार्य होगा और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूजर्स से ऐसी डिक्लेरेशन मांगेंगे। यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा, गलत सूचना, महिलाओं की सुरक्षा, प्रतिष्ठा की रक्षा और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के लिए जरूरी है। (Indianexpress)
  2. संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (UNCTAD16) में “सेविला फोरम ऑन डेब्ट” लॉन्च किया गया, जिसका नेतृत्व स्पेन कर रहा है। इसका उद्देश्य विकासशील देशों में ऋण संकट के समाधान के लिए सभी हितधारकों को एक मंच पर लाना, ऋण प्रबंधन और सतत विकास लक्ष्यों की फंडिंग में मदद करना है। 2024 में वैश्विक सार्वजनिक ऋण 102 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें से 31 ट्रिलियन डॉलर विकासशील देशों पर है और इन देशों को वार्षिक ऋण भुगतान पर भारी खर्च करना पड़ता है। (Downtoearth.com)
  3. FAO द्वारा जारी “वैश्विक वन संसाधन आकलन (GFRA) 2025 रिपोर्ट” के अनुसार, विश्व में वन 14 अरब हेक्टेयर या कुल भू-क्षेत्र के 32% हिस्से पर फैले हैं और यूरोप में वन क्षेत्र सर्वाधिक है। भारत अब वैश्विक वन क्षेत्र में 9वें स्थान पर पहुँच गया है, उसके पास 2% वैश्विक वन क्षेत्र है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2015-2025 के दौरान वनों की कटाई की गति धीमी हुई, अधिकांश वन प्राकृतिक रूप से पुनर्बहाल हो रहे हैं, और मुख्य समस्याओं में उपोष्णकटिबंधीय इलाकों में आग, जबकि शीतोष्ण व बोरियल क्षेत्रों में कीट व बीमारी हैं। (Newssonair.gov.in)

 (24-10-25)

  1. IIT कानपुर द्वारा दिल्ली में क्लाउड सीडिंग का सफल परीक्षण किया गया है, जिससे वहां पहली कृत्रिम वर्षा संभव हो सकती है। क्लाउड सीडिंग में सिल्वर आयोडाइड जैसे रसायनों का उपयोग कर बादलों में बारिश कराने की क्षमता बढ़ाई जाती है, और यह प्रदूषण से राहत देने के साथ-साथ जल आपूर्ति बढ़ाने का भी लाभ देता है। हालांकि, इस प्रक्रिया में पर्यावरणीय जोखिम और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएँ भी हैं, जिनके मद्देनज़र आगे और शोध जरूरी है। (Hindustantimes)

 (25-10-25)

  1. विशेषज्ञों ने चेताया है कि बहुपक्षवाद के कमजोर होने से वैश्विक समन्वय बाधित हो रहा है, जिससे अब राष्ट्र क्षेत्रीय समझौतों और मिनिलेटरलिज़्म की ओर बढ़ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र और WTO सहित कई वैश्विक संस्थाओं की प्रभावशीलता भी घट रही है। समाधान के रूप में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद जैसे संस्थानों में सुधार, नई वैश्विक मानकों की स्थापना और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई है। (Indianexpress)
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